1.
राजभाषा
अधिनियम, 1963
की
धारा
3 (3)
के
अंतर्गत
संकल्प,
सामान्य
आदेश,
नियम,
अधिसूचनाएं,
प्रशासनिक
तथा
अन्य
रिपोर्टें,
प्रेस
विज्ञप्तियां,
संसद
के
किसी
सदन
या
दोनों
सदनों
के
समक्ष
रखी
जाने
वाली
प्रशासनिक
तथा
अन्य
रिपोर्टें,
सरकारी
कागजात,
संविदाएं,
करार,
अनुज्ञप्तियां,
अनुज्ञापत्र,
टेंडर
नोटिस
तथा
टेंडर
फार्म
आदि
द्विभाषी
रूप
में
ही
जारी
की
जाएं
।
किसी
प्रकार
के
उल्लंघन
के
लिए
हस्ताक्षर
करने
वाले
अधिकारी
को
जिम्मेदार
ठहराया
जाएगा
।
2.
अधीनस्थ
सेवाओं
की
भर्ती
परीक्षाओं
में
अंग्रेजी
के
अनिवार्य
प्रश्नपत्र
को
छोड़कर
शेष
विषयों
के
प्रश्नपत्रों
के
उत्तर
हिंदी
में
भी
देने
की
छूट
दी
जाए
और
ऐसे
प्रश्नपत्र
अंग्रेजी
तथा
हिंदी
दोनों
भाषाओं
में
उपलब्ध
कराए
जाएं
।
साक्षात्कार
में
भी
वार्तालाप
में
हिंदी
माध्यम
की
उपलब्धता
अनिवार्य
रूप
से
रहनी
चाहिए
।
केंद्र
सरकार
के
सभी
मंत्रालयों,
विभागों
तथा
उनसे
संबद्ध
और
अधीनस्थ
कार्यालयों
तथा
केंद्र
सरकार
के
स्वामित्व
में
या
नियंत्रणाधीन
निगमों,
उपक्रमों,
बैंकों
आदि
में
सभी
सेवाकालीन
विभागीय
तथा
पदोन्नति
परीक्षाओं
में
(अखिल
भारतीय
स्तर
की
परीक्षाओं
सहित)
अभ्यर्थियों
को
प्रश्न-पत्रों
के
उत्तर
हिंदी
में
भी
देने
की
छूट
दी
जाए
।
प्रश्न-पत्र
अनिवार्यत:
दोनों
भाषाओं (हिंदी
और
अंग्रेजी)
में
तैयार
कराए
जाएं
।
जहां
साक्षात्कार
लिया
जाना
हो,
वहां
भी
प्रश्नों
के
उत्तर
हिंदी
में
देने
की
छूट
दी
जाए
।
3.
सभी
प्रकार
की
वैज्ञानिक/तकनीकी
संगोष्ठियों
तथा
परिचर्चाओं
आदि
में
वैज्ञानिकों
आदि
को
राजभाषा
हिंदी
में
शोध
पत्र
पढ़ने
के
लिए
प्रेरित
और
प्रोत्साहित
किया
जाए
।
उक्त
शोध-पत्र
संबद्ध
मंत्रालय/विभाग/कार्यालय
आदि
के
मुख्य
विषय
से
संबंधित
होने
चाहिए
।
4.
‘क’
तथा ‘ख’
क्षेत्रों
में,
सभी
प्रकार
का
प्रशिक्षण,
चाहे
वह
अल्पावधि
का
हो
अथवा
दीर्घावधि
का,
सामान्यत:
हिंदी
माध्यम
से
होना
चाहिए। ‘ग’
क्षेत्र
में
प्रशिक्षण
देने
के
लिए
प्रशिक्षण
सामग्री
हिंदी
और
अंग्रेजी
दोनों
भाषाओं
में
तैयार
कराई
जाए
और
प्रशिक्षणार्थी
की
मांग
के
अनुसार
हिंदी
या
अंग्रेजी
में
उपलब्ध
कराई
जाए
।
5. केंद्र
सरकार
के
कार्यालयों
में
जब
तक
हिंदी
टंकक
व
हिंदी
आशुलिपिक
संबंधी
निर्धारित
लक्ष्य
प्राप्त
नहीं
कर
लिए
जाते,
तब
तक
उनमें
केवल
हिंदी
टंकक
व
हिंदी
आशुलिपिक
ही
भर्ती
किए
जाएं
।
6.
अंतर्राष्ट्रीय
संधियों
और
करारों
को
अनिवार्य
रूप
से
हिंदी
और
अंग्रेजी
दोनों
भाषाओं
में
तैयार
कराया
जाए
।
विदेशों
में
निष्पादित
संधियों
और
करारों
के
प्रामाणिक
अनुवाद
तैयार
कराके
रिकार्ड
के
लिए
फाइल
में
रखे
जाएं
।
7.
राजभाषा
नियम, 1976
के
नियम
10(4)
के
अंतर्गत
अधिसूचित
बैंकों
की
शाखाओं
में
निम्नलिखित
कार्य
हिंदी
में
किए
जाएं
-
ग्राहकों
द्वारा
हिंदी
में
भरे
गए
आवेदनों
और
ग्राहकों
की
सहमति
से
अंग्रेजी
में
भरे
गए
आवेदनों
पर
जारी
किए
जाने
वाले
मांग
ड्राफ्ट,
भुगतान
आदेश,
क्रेडिट
कार्ड,
डेबिट
कार्ड,
सभी
प्रकार की
सूचियां,
विवरणियां,
सावधि
जमा-रसीदें,
चैक
बुक
संबंधी
पत्र
आदि,
दैनिक
बही,
मस्टर,
प्रेषण
बही,
पास
बुक,
लॉग
बुक
में
प्रविष्टियां,
प्राथमिकता
प्राप्त
क्षेत्र,
सुरक्षा
ग्राहक
सेवा
संबंधी
कार्य,
नए
खाते
खोलना,
लिफाफों
पर
पते
लिखना,
कर्मचारियों
के
यात्रा
भत्ते,
अवकाश,
भविष्य
निधि,
आवास
निर्माण
अग्रिम,
चिकित्सा
संबंधी
कार्य,
बैठकों
की
कार्यसूची-कार्यवृत्त
आदि
।
8. विदेश
स्थित
भारतीय
कार्यालयों
सहित
सभी
मंत्रालयों/विभागों
आदि
की
लेखन
सामग्री,
नाम
पट्ट,
सूचना-पट्ट,
फार्म,
प्रक्रिया
संबंधी
साहित्य,
रबड़
की
मोहरें,
निमंत्रण
पत्र
आदि
अनिवार्य
रूप
से
हिंदी-अंग्रेजी
में
बनवाए
जाएं
।
9.
भारत
सरकार
के
मंत्रालयों,
कार्यालयों,
विभागों,
बैंकों,
उपक्रमों
आदि
द्वारा
असांविधिक
प्रक्रिया
साहित्य
जैसे
नियम,
कोड,
मैनुअल,
मानक
फार्म
आदि
को
अनुवाद
कराने
के
लिए
केंद्रीय
अनुवाद
ब्यूरो
को
भेजा
जाए
।
10.
अनुवाद
कार्य
तथा
राजभाषा
नीति
के
कार्यान्वयन
से
जुड़े
सभी
अधिकारियों/कर्मचारियों
को
केंद्रीय
अनुवाद
ब्यूरो
में
अनिवार्य
अनुवाद
प्रशिक्षण
हेतु
नामित
किया
जाए
।
ऐसे
अधिकारियों/कर्मचारियों
को
भी
अनुवाद
के
प्रशिक्षण
पर
नामित
किया
जा
सकता
है,
जिन्हें
स्नातक
स्तर
पर
हिंदी-अंग्रेजी
दोनों
भाषाओं
का
ज्ञान
हो
तथा
जिनकी
सेवाओं
का
उपयोग
कार्यालय
द्वारा
इस
कार्य
के
लिए
किया
जा
सकता
हो
।
11.
भारतीय
प्रशासनिक
सेवा
और
अन्य
अखिल
भारतीय
सेवा
के
अधिकारियों
के
लिए
लाल
बहादुर
शास्त्री
राष्ट्रीय
प्रशासन
अकादमी,
मसूरी
में
प्रशिक्षण
के
दौरान
हिंदी
भाषा
का
प्रशिक्षण
अनिवार्य
रूप
से
दिया
जाता
है,
ताकि
सरकारी
कामकाज
में
वह
इसका
प्रयोग
कर
सकें
।
तथापि,
अधिकांश
अधिकारी
सेवा
में
आने
के
पश्चात्
सरकारी
कामकाज
में
हिंदी
का
प्रयोग
नहीं
करते
।
इससे
उनके
अधीन
कार्य
कर
रहे
अधिकारियों/कर्मचारियों
में
सही
संदेश
नहीं
जाता
।
परिणामस्वरूप,
सरकारी
कामकाज
में
हिंदी
का
प्रयोग
अपेक्षित
मात्रा
में
नहीं
हो
पाता
।
मंत्रालयों/विभागों/कार्यालयों/उपक्रमों
आदि
के
वरिष्ठ
अधिकारियों
का
यह
संवैधानिक
दायित्व
है
कि
वह
अपने
सरकारी
कामकाज
में
अधिक
से
अधिक
हिंदी
का
प्रयोग
करें
।
इससे
उनके
अधीन
कार्य
कर
रहे
अधिकारियों/कर्मचारियों
को
प्रेरणा
मिलेगी
तथा
राजभाषा
नीति
के
अनुपालन
को
गति
मिलेगी
।
12.
सभी
मंत्रालय/विभाग
आदि
हिंदी
के
प्रयोग
को
बढ़ावा
देने
के
लिए
चलाई
गई
विभिन्न
प्रोत्साहन
योजनाओं
का
अपने
संबद्ध
एवं
अधीनस्थ
कार्यालयों
में
भी
व्यापक
प्रचार-प्रसार
करें
ताकि
अधिक
से
अधिक
अधिकारी/कर्मचारी
इन
योजनाओं
का
लाभ
उठा
सकें
और
सरकारी
कामकाज
में
अधिक
से
अधिक
कार्य
हिंदी
में
हो
।
13.
तिमाही
प्रगति
रिपोर्ट
संबंधी
सूचना
निर्धारित
प्रोफार्मा
में
ई-मेल
द्वारा
प्रत्येक
तिमाही
की
समाप्ति
के
अगले
माह
की
15
तारीख
तक
राजभाषा
विभाग
को
उपलब्ध
करा
दी
जाए
।
हस्ताक्षरित
प्रति
अलग
से
भेजी
जाए
।
14.
सरकार
की
राजभाषा
नीति
के
प्रति
अधिकारियों/कर्मचारियों
को
सुग्राही
बनाने
की
दृष्टि
से
यह
आवश्यक
है
कि
सरकारी
कामकाज
में
राजभाषा
हिंदी
के
कार्यान्वयन
में
हुई
प्रगति
की
समीक्षा
को
मात्र
राजभाषा
कार्यान्वयन
समिति
की
बैठकों
तक
ही
सीमित
न
रखा
जाए।
इस
संबंध
में
मानीटरिंग
को
और
अधिक
प्रभावी
और
कारगर
बनाने
के
लिए
यह
जरूरी
है
कि
मंत्रालयों/
विभागों/
कार्यालयों
के
प्रशासनिक
प्रधानों
द्वारा
ली
जाने
वाली
प्रत्येक
बैठक
में
इस
पर
नियमित
रूप
से
विस्तृत
चर्चा
की
जाए
और
इसे
कार्यसूची
की
एक
स्थायी
मद
के
रूप
में
शामिल
किया
जाए
।
15.
प्रशिक्षण
और
कार्यशालाओं
सहित
राजभाषा
हिंदी
संबंधी
कार्य
कर
रहे
अधिकारियों/कर्मचारियों
को
कार्यालय
में
बैठने
के
लिए
अच्छा
व
समुचित
स्थान
भी
उपलब्ध
कराया
जाए
ताकि
वे
अपने
दायित्वों
का
निर्वाह
ठीक
तरह
से
कर
सकें
।
16.
राजभाषा
विभाग
द्वारा
चलाए
जा
रहे
विभिन्न
प्रशिक्षण
कार्यक्रमों
में
मंत्रालय/विभाग/
कार्यालय
आदि
नियमित
रूप
से
अपने
कर्मचारियों
को
नामित
करें
और
नामित
कर्मचारियों
को
निदेश
दें
कि
वे
नियमित
रूप
से
कक्षाओं
में
उपस्थित
रहें,
पूरी
तत्परता
से
प्रशिक्षण
प्राप्त
करें
तथा
परीक्षाओं
में
बैठें
।
प्रशिक्षण
को
बीच
में
छोड़ने
या
परीक्षाओं
में
न
बैठने
वाले
मामलों
को
कड़ाई
से
निपटा
जाए
।
17.
अनुवादकों
को
सहायक
साहित्य,
मानक
शब्दकोश (अंग्रेजी-हिंदी
व
हिंदी-अंग्रेजी)
तथा
अन्य
तकनीकी
शब्दावलियां
उपलब्ध
कराई
जाएं
ताकि
वे
अनुवाद
कार्य
में
इनका
उपयोग
करें
।
18.
सभी
मंत्रालय/विभाग/कार्यालय
आदि
हिंदी
में
प्रशिक्षण
के
लिए
नामित
अधिकारियों/कर्मचारियों
के
लाभ
के
लिए
"लीला-हिंदी
प्रबोध,प्रवीण
व
प्राज्ञ"
आदि
सॉफ्टवेयर
के
उपयोग
के
लिए
कंप्यूटर
की
सुविधा
उपलब्ध
करवाएं
।
19.
सभी
मंत्रालय/विभाग/कार्यालय
आदि
अपने-अपने
दायित्वों
से
संबधित
विषयों
पर
हिंदी
में
मौलिक
पुस्तक-लेखन
को
प्रोत्साहित
करने
तथा
अपने
विषयों
से
संबंधित
शब्द
भंडार
को
समृद्ध
करने
के
लिए
आवश्यक
कदम
उठाएं
।
20.
सभी
मंत्रालय/विभाग/कार्यालय
आदि
अपने
केंद्रीय
सेवाओं
के
प्रशिक्षण
संस्थानों
में
राजभाषा
हिंदी
में
प्रशिक्षण
की
व्यवस्था
उसी
स्तर
पर
करें
जिस
स्तर
पर
लाल
बहादुर
शास्त्री
राष्ट्रीय
प्रशासन
अकादमी
में
कराई
जाती
है
और
अपने
विषयों
से
संबधित
साहित्य
का
सृजन
करवाएं
जिससे
प्रशिक्षण
के
बाद
अधिकारी
अपने
कामकाज
सुविधापूर्वक
राजभाषा
हिंदी
में
कर
सकें
।
21.
सभी
मंत्रालय/विभाग/कार्यालय/संस्थान
आदि
अपने
कार्यालय
में
हिंदी
में
कार्य
का
माहौल
तैयार
करने
के
लिए
हिंदी
पत्रिकाओं
का
प्रकाशन
कर
रहे
हैं
।
इन
पत्रिकाओं
में
विशेषकर
उक्त
कार्यालय
के
सामान्य
कार्यों
तथा
राजभाषा
हिंदी
से
संबंधित
आलेख
प्रकाशित
किये
जाएं
।
22.
नगर
राजभाषा
कार्यान्वयन
समितियों
की
छमाही
बैठकों
में
सदस्य
कार्यालय
के
प्रशासनिक
प्रमुख
अनिवार्य
रूप
से
भाग
लें
।
23.
सभी
मंत्रालय/विभाग
अपने
संबद्ध/अधीनस्थ
कार्यालयों
के
बारे
में
वर्ष
2010-11
के
वार्षिक
कार्यक्रम
से
संबंधित
समेकित
अनुपालन
रिपोर्ट
राजभाषा
विभाग
को
31 मई,
2011 तक
भिजवाना
सुनिश्चित
करें
।
|
क्र.सं. |
कार्य विवरण |
क्षेत्र क |
|
1. |
हिंदी में
मूल
पत्राचार(तार,बेतार,
टेलेक्स,
फैक्स,
आरेख,
ई-मेल आदि सहित) |
क क्षेत्र से क क्षेत्र को
100%
क क्षेत्र से ख क्षेत्र को
100%
क क्षेत्र से ग क्षेत्र को
65%
क क्षेत्र से क व ख क्षेत्र के राज्य/संघ
राज्य क्षेत्र के कार्यालय/व्यक्ति
100% |
|
2. |
हिंदी में प्राप्त पत्रों का उत्तर हिंदी में दिया
जाना |
100% |
|
3. |
हिंदी में टिप्पण |
75% |
|
4. |
हिंदी टंकक,
आशुलिपिक की भर्ती |
100% |
|
5. |
हिंदी में
डिक्टेशन |
20% |
|
6. |
हिंदी प्रशिक्षण
(भाषा,
टंकण,
आशुलिपि) |
100% |
|
7. |
द्विभाषी
प्रशिक्षण
सामग्री तैयार करना |
100% |
|
8. |
हिंदी ई-बुक सहित हिंदी पुस्तकों आदि जर्नल और मानक
संदर्भ ग्रंथों को छोड़कर,
की खरीद पर
पुस्तकालय के लिए उपलब्ध कुल अनुदान में से खर्च का
प्रतिशत |
50% |
|
9. |
कंप्यूटर सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रानिक उपकरणों की
द्विभाषी रूप में खरीद |
100% |
|
10. |
वेबसाइट |
100%(‡द्वभाषी) |
|
11. |
नागरिक चार्टर तथा जन सूचना बोर्डों आदि का प्रर्दशन |
100%(‡द्वभाषी) |
|
12. |
(1)मंत्रालयों/विभागों
द्वारा दिल्ली से
बाहर स्थित कार्यालयों का निरीक्षण
(कार्यालयों का प्रतिशत) |
25%(न्यूनतम) |
|
|
(2)मुख्यालय
में स्थित अनुभागों का निरीक्षण |
25%(न्यूनतम) |
|
|
(3)विदेश
में स्थित केन्द्रीय सरकार के स्वामित्व एवं नियंत्रण
के कार्यालयों/उपक्रमों का संबंधित अधिकारियों तथा
राजभाषा विभाग के अधिकारियों
द्वारा संयुक्त निरीक्षण। |
वर्ष में कम से कम एक निरीक्षण |
|
13. |
राजभाषा संबंधी बैठकें |
|
|
|
(क)
हिंदी सलाहकार समिति |
वर्ष में
02
बैठकें
(न्यूनतम)) |
|
|
(ख)नगर
राजभाषा कार्यान्वयन समिति |
वर्ष में
02
बैठकें
(प्रति
छमाही एक बैठक) |
|
|
(ग)राजभाषा
कार्यान्वयन समिति |
वर्ष में
04
बैठकें
(प्रति
तिमाही एक बैठक) |
|
14. |
कोड,
मैनुअल,फार्म,प्रक्रिया
साहित्य का हिन्दी अनुवाद |
100% |
|
15. |
मंत्रालयों/विभागों/कार्यालयों/बैंकों/उपक्रमों के ऐसे अनुभाग जहां सारा कार्य हिंदी
में हो |
30%
(न्यूनतम
अनुभाग)
सार्वजनिक क्षेत्र के उन उपक्रमों/निगमों
आदि, जहां अनुभाग जैसी कोई अवधारणा नहीं है, में
'क'
क्षेत्र में कुल कार्य-क्षेत्र का 25%, 'ख'
क्षेत्र में 15%, 'ग'
क्षेत्र में 10%
कार्य हिंदी में किया जाए ।
|
|
क्र.सं. |
कार्य विवरण |
क्षेत्र ख |
|
1. |
हिंदी में प्रवर्तित पत्राचार(तार,बेतार,
टेलेक्स,
फैक्स,
आरेख,
ई-मेल आदि सहित) |
ख क्षेत्र से क क्षेत्र को
90%
ख क्षेत्र से ख क्षेत्र को
90%
ख क्षेत्र से ग क्षेत्र को
55%
ख क्षेत्र से क व ख क्षेत्र के राज्य/संघ
राज्य क्षेत्र के कार्यालय/व्यक्ति
100% |
|
2. |
हिंदी में प्राप्त पत्रों का उत्तर हिंदी में दिया
जाना |
100% |
|
3. |
हिंदी में टिप्पण |
50% |
|
4. |
हिंदी टंकक,
आशुलिपिक की भर्ती |
100% |
|
5. |
हिंदी में
डिक्टेशन |
20% |
|
6. |
हिंदी प्रशिक्षण
(भाषा,
टंकण,
आशुलिपि) |
100% |
|
7. |
द्विभाषी प्रशिक्षण
सामग्री तैयार करना |
100% |
|
8. |
हिंदी ई-बुक सहित हिंदी पुस्तकों आदि जर्नल और मानक
संदर्भ ग्रंथों को छोड़कर,
की खरीद पर
पुस्तकालय के लिए उपलब्ध कुल अनुदान में से खर्च का
प्रतिशत |
50% |
|
9. |
कंप्यूटर सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रानिक उपकरणों की
द्विभाषी रूप में खरीद |
100% |
|
10. |
वेबसाइट |
100%(‡द्वभाषी) |
|
11. |
नागरिक चार्टर तथा जन सूचना बोर्डों आदि का प्रर्दशन |
100%(‡द्वभाषी) |
|
12. |
(1)मंत्रालयों/विभागों
द्वारा दिल्ली से
बाहर स्थित कार्यालयों का निरीक्षण
(कार्यालयों का प्रतिशत) |
25%(न्यूनतम) |
|
|
(2)मुख्यालय
में स्थित अनुभागों का निरीक्षण |
25%(न्यूनतम) |
|
|
(3)विदेश
में स्थित केन्द्रीय सरकार के स्वामित्व एवं नियंत्रण
के कार्यालयों/उपक्रमों का संबंधित अधिकारियों तथा
राजभाषा विभाग के अधिकारियों
द्वारा संयुक्त निरीक्षण। |
वर्ष में कम से कम एक निरीक्षण |
|
13. |
राजभाषा संबंधी बैठकें |
|
|
|
(क)
हिंदी सलाहकार समिति |
वर्ष में
02
बैठकें
(न्यूनतम)) |
|
|
(ख)नगर
राजभाषा कार्यान्वयन समिति |
वर्ष में
02
बैठकें
(प्रति
छमाही एक बैठक) |
|
|
(ग)राजभाषा
कार्यान्वयन समिति |
वर्ष में
04
बैठकें
(प्रति
तिमाही एक बैठक) |
|
14. |
कोड,
मैनुअल,फार्म,प्रक्रिया
साहित्य का हिन्दी अनुवाद |
100% |
|
15. |
मंत्रालयों/विभागों/कार्यालयों/बैंकों/उपक्रमों के ऐसे अनुभाग जहां सारा कार्य हिंदी
में हो |
25%
(न्यूनतम
अनुभाग)
सार्वजनिक क्षेत्र के उन उपक्रमों/निगमों
आदि, जहां अनुभाग जैसी कोई अवधारणा नहीं है, में
'क'
क्षेत्र में कुल कार्य-क्षेत्र का 25%, 'ख'
क्षेत्र में 15%, 'ग'
क्षेत्र में 10%
कार्य हिंदी में किया जाए ।
|
|
क्र.सं. |
कार्य विवरण |
क्षेत्र ग |
|
1. |
हिंदी में प्रवर्तित पत्राचार(तार,बेतार,
टेलेक्स,
फैक्स,
आरेख,
ई-मेल आदि सहित) |
ग क्षेत्र से क क्षेत्र को
55%
ग क्षेत्र से ख क्षेत्र को
55%
ग क्षेत्र से ग क्षेत्र को
55%
ग क्षेत्र से क व ख क्षेत्र के राज्य/संघ
राज्य क्षेत्र के कार्यालय/व्यक्ति
85% |
|
2. |
हिंदी में प्राप्त पत्रों का उत्तर हिंदी में दिया
जाना |
100% |
|
3. |
हिंदी में टिप्पण |
30% |
|
4. |
हिंदी टंकक,
आशुलिपिक की भर्ती |
50% |
|
5. |
हिंदी में
डिक्टेशन |
20% |
|
6. |
हिंदी प्रशिक्षण
(भाषा,
टंकण,
आशुलिपि) |
100% |
|
7. |
द्विभाषी प्रशिक्षण
सामग्री तैयार करना |
100% |
|
8. |
हिंदी ई-बुक सहित हिंदी पुस्तकों आदि जर्नल और मानक
संदर्भ ग्रंथों को छोड़कर,
की खरीद पर
पुस्तकालय के लिए उपलब्ध कुल अनुदान में से खर्च का
प्रतिशत |
50% |
|
9. |
कंप्यूटर सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रानिक उपकरणों की
द्विभाषी रूप में खरीद |
100% |
|
10. |
वेबसाइट |
100%(‡द्वभाषी) |
|
11. |
नागरिक चार्टर तथा जन सूचना बोर्डों आदि का प्रर्दशन |
100%(‡द्वभाषी) |
|
12. |
(1)मंत्रालयों/विभागों
द्वारा दिल्ली से
बाहर स्थित कार्यालयों का निरीक्षण
(कार्यालयों का प्रतिशत) |
25%(न्यूनतम) |
|
|
(2)मुख्यालय
में स्थित अनुभागों का निरीक्षण |
25%(न्यूनतम) |
|
|
(3)विदेश
में स्थित केन्द्रीय सरकार के स्वामित्व एवं नियंत्रण
के कार्यालयों/उपक्रमों का संबंधित अधिकारियों तथा
राजभाषा विभाग के अधिकारियों
द्वारा संयुक्त निरीक्षण। |
वर्ष में कम से कम एक निरीक्षण |
|
13. |
राजभाषा संबंधी बैठकें |
|
|
|
(क)
हिंदी सलाहकार समिति |
वर्ष में
02
बैठकें
(न्यूनतम)) |
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(ख)नगर
राजभाषा कार्यान्वयन समिति |
वर्ष में
02
बैठकें
(प्रति
छमाही एक बैठक) |
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(ग)राजभाषा
कार्यान्वयन समिति |
वर्ष में
04
बैठकें
(प्रति
तिमाही एक बैठक) |
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14. |
कोड,
मैनुअल,फार्म,प्रक्रिया
साहित्य का हिन्दी अनुवाद |
100% |
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15. |
मंत्रालयों/विभागों/कार्यालयों/बैंकों/उपक्रमों के ऐसे अनुभाग जहां सारा कार्य हिंदी
में हो |
20%
(न्यूनतम
अनुभाग)
सार्वजनिक क्षेत्र के उन उपक्रमों/निगमों
आदि, जहां अनुभाग जैसी कोई अवधारणा नहीं है, में
'क'
क्षेत्र में कुल कार्य-क्षेत्र का 25%, 'ख'
क्षेत्र में 15%, 'ग'
क्षेत्र में 10%
कार्य हिंदी में किया जाए ।
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