केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान

एवं

हिंदी शिक्षण योजना

1. हिंदी प्रशिक्षण की आवश्यकता

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343(1) में यह निर्दिष्ट है कि संघ सरकार का समस्त कार्य हिंदी में किया जाएगा। सांविधिक उपबंधों के अनुपालन के लिए केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को हिंदी सिखाने का कार्य सर्वप्रथम शिक्षा मंत्रालय द्वारा जुलाई, 1952 में प्रारम्भ किया गया। बाद में राष्ट्रपति द्वारा गृह मंत्री को संबोधित 12 जून, 1955 के पत्र में दिए गए सुझावों पर कार्यवाही के अनुसरण में केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को हिंदी सिखाने का काम गृह मंत्रालय को सौंपे जाने का निर्णय लिया गया। तद्नुसार अक्तुबर, 1955 में गृह मंत्रालय में हिंदी शिक्षण योजना के अंतर्गत हिंदी कक्षाएं कार्यालय समय में चलाई जा रही हैं।

2. प्रशिक्षण की अनिवार्यता

प्रारम्भ में हिंदी सीखना केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक था। बाद में अप्रैल, 1960 में राष्ट्रपति के आदेश के आधीन हिंदी का सेवाकालीन प्रशिक्षण सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए तीसरी श्रेणी से नीचे के कर्मचारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों तथा कार्य-प्रभारित कर्मचारियों को छोड़कर अनिवार्य कर दिया गया। इसके साथ-साथ अवर श्रेणी लिपिकों / टंककों तथा आशुलिपिकों के लिए हिंदी टंकण तथा हिंदी आशुलिपि का प्रशिक्षण भी अनिवार्य कर दिया गया। सन्‌ 1974 से केंद्रीय सरकार के मंत्रालयों तथा उसके संबद्ध व अधीनस्थ कार्यालयों के कर्मचारियों के अतिरिक्त केंद्रीय सरकार के स्वामित्व एवं नियंत्रणाधीन निगमों, निकायों, कम्पनियों, उपक्रमों, बैंकों आदि के कर्मचारियों के लिए भी हिंदी, हिंदी टंकण तथा हिंदी आशुलिपि का प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया। फरवरी, 1993 से औद्योगिक प्रतिष्ठानों के उन कर्मचारियों के लिए जिनसे डेस्क कार्य की अपेक्षा की जाती है, हिंदी का सेवाकालीन प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।

3. प्रशिक्षण व्यवस्था

अ.हिंदी शिक्षण योजना के अंतर्गत अंशकालिक प्रशिक्षणः-
हिंदी शिक्षण योजना के अंतर्गत हिंदी भाषा, हिंदी टंकण तथा हिंदी आशुलिपि का प्रशिक्षण अंशकालिक आधार पर दिया जाता है। देश के विभिन्न स्थानों पर जहां केंद्रीय सरकार के कर्मचारी पर्याप्त संख्या में कार्यरत हैं वहां प्रशिक्षण हेतु आवश्यकतानुसार पूर्णकालिक व अंशकालिक केंद्र स्थापित किए गए हैं। आवश्यकतानुसार इन केंद्रों को घटाया या बढ़ाया जाता है। ये प्रशिक्षण केंद्र अधिकांशतः विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, उपक्रमों आदि के भवनों में अवस्थित हैं। इन प्रशिक्षण केंद्रों की देख-रेख की जिम्मेदारी केंद्रीय सरकार के स्थानीय कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है, जिन्हें सर्वकार्यभारी अधिकारी कहा जाता है। इन अधिकारियों से सम्पर्क बनाए रखने के लिए नई दिल्ली, चेन्नै मुम्बई, कोलकाता तथा जबलपुर में क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इस समय हिंदी भाषा प्रशिक्षण के लिए 118 पूर्णकालिक तथा 14 अंशकालिक और हिंदी टंकण / आशुलिपि प्रशिक्षण के लिए 22 पूर्णकालिक और 21 अंशकालिक प्रशिक्षण केंद्र चलाए जा रहे हैं ।

ब. केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान तथा उप-संस्थानों की स्थापना तथा इसके अंतर्गत गहन प्रशिक्षण कार्यक्रमः-
इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि हिंदी में प्रशिक्षित किए जाने वाले कर्मचारियों की संख्या में प्रगामी रूप से वृद्धि हो रही है और 1955 से उपलब्ध हिंदी शिक्षण योजना के अधीन विद्यमान अंशकालिक व्यवस्थाओं के माध्यम से अपेक्षित लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है । सभी स्तरों पर यह महसूस किया गया कि पूर्णकालिक हिंदी शिक्षण की पूरक व्यवस्था अपरिहार्य है । इसके अतिरिक्त गृह मंत्री को लिखे गए राष्ट्रपति के पत्र दिनांक 12 जून, 1955 के अनुसार जबकि संघ सरकार के कर्मचारियों के लिए सेवाकालीन हिंदी प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया था, नवनियुक्त कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए व्यवस्था के बारे में भी सुझाव दिया गया था । अतः यह आवश्यक समझा गया कि उनके लिए अलग से पूर्णकालिक गहन प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए ताकि सरकार की नीति का उचित रूप से कार्यान्वयन हो सके । अंततः वर्ष 1975 में केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की गई । प्रशिक्षण की बढ़ती हुई मांग तथा विहित समय के भीतर निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु वर्ष 1988 में मुंबई, कोलकाता, और बेंगलुरू में तीन उप-संस्थानों की स्थापना की गई । केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता को और विस्तृत बनाने के विचार से वर्ष 1990 में चेन्नै और हैदराबाद में दो और उप-संस्थानों की स्थापना की गई ।

केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान तथा इसके उप-संस्थानों में हिंदी भाषा तथा हिंदी टंकण व आशुलिपि की पूर्णकालिक गहन प्रशिक्षण व्यवस्था है । इन नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अतिरिक्त विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों के लिए कार्यशालाओं तथा अल्पावधि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।इनका प्रशासनिक नियंत्रण केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान निदेशक के अधीन है । ये उप-संस्थान हिंदी शिक्षण योजना के क्षेत्रीय उप निदेशकों की देख-रेख में कार्य करते हैं ।

संस्थान और उप-संस्थानों में हिंदी भाषा प्रशिक्षण का कार्य सहायक निदेशकों (भाषा) द्वारा तथा हिंदी टंकण एवं आशुलिपि का प्रशिक्षण का कार्य सहायक निदेशकों (हिंदी, टंकण/आशुलिपि) द्वारा किया जाता है ।

क. केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान के अंतर्गत हिंदी भाषा तथा हिंदी टंकण के पत्राचार पाठयक्रम :-
देश भर के दूर-दराज क्षेत्रों में पदांकित कर्मचारियों तथा प्रचालन संबंधी कर्मचारियों के लिए केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान के अंतर्गत हिंदी भाषा एवं हिंदी टंकण के प्रशिक्षण की व्यवस्था पत्राचार पाठयक्रमों द्वारा क्रमशः अगस्त, 1990 तथा फरवरी, 1991 से प्रारम्भ की गई है ।

4. प्रशिक्षण कार्यक्रमों का स्वरूप

हिंदी भाषा का प्रशिक्षण तीन स्तरों में दिया जाता है ।

(1) प्रबोध प्रारंभिक पाठयक्रम है जिसका स्तर प्राइमरी हिंदी के बराबर है ।

(2) प्रवीण माध्यमिक स्तर है जो कि मिडिल स्कूल की हिंदी के समकक्ष है ।

(3) प्राज्ञ अंतिम पाठयक्रम है और इसका स्तर हाई स्कूल के स्तर की हिंदी के समकक्ष है ।

मान्यता यह है कि प्राज्ञ पाठयक्रम पूरा कर लेने के बाद कर्मचारी को हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त हो जाता है और वह कार्यालय का सामान्य काम हिंदी में कर सकता है । इसके बाद हिंदी में काम करने में प्रवीणता हासिल करने के लिए कर्मचारियों को कार्यशालाओं में भाग लेना होता है ।

5. परीक्षाएं

केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान तथा हिंदी शिक्षण योजना के अंतर्गत आयोजित होने वाले सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के उपरांत परीक्षाओं के आयोजन के लिए परीक्षा स्कंध की स्थापना की गई है । यह स्कंध एक उप निदेशक के नियंत्रण में कार्य करता है । परीक्षा स्कंध द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 22 परीक्षाओं में 80,000 से अधिक परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की जाती है ।पहले परीक्षा परिणाम हाथ से (मैन्युअली) तैयार किए जाते थे । इसमें काफी समय लग जाता था और परीक्षा परिणामों की घोषणा में 2-3 माह तक का विलंब हो जाता था । वर्ष 1991 से परीक्षा व्यवस्था में सुधार कर अधिकांश कार्य विकेंद्रीयकृत कर दिया गया तथा परीक्षा परिणाम देवनागरी कंप्यूटर  पर तैयार किए जाने लगे हैं। इसके फलस्वरूप अब परीक्षा परिणाम परीक्षाएं समाप्त होने के उपरांत एक माह में ही घोषित हो जाते हैं और सभी परीक्षार्थियों को अगले सत्र के प्रारंभ होने के पूर्व परीक्षा परिणाम प्राप्त हो जाते हैं । प्रमाण-पत्र भी अब कंप्यूटर पर तैयार किए जाने लगे हैं।

6. उपलब्धियां

हिंदी शिक्षण योजना के अंतर्ग से 31 दिसंबर, 2008 तक विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रशिक्षित कर्मचारियों की संख्या निम्नानुसार है :-

हिंदी भाषा
हिंदी टंकण
हिंदी आशुलिपि

14,04,366
1,46,347
28,
216

7. संगठनात्मक ढांचा

केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान राजभाषा विभाग का अधीनस्थ कार्यालय है । इसी के अंतर्गत हिंदी शिक्षण योजना भी आती है । केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान/हिंदी शिक्षण योजना के विभागाध्यक्ष निदेशक, केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान हैं । हिंदी शिक्षण योजना के अंतर्गत हिंदी भाषा प्रशिक्षण का कार्य हिंदी प्राध्यापकों द्वारा किया जाता है, उनके ऊपर नियंत्रण के लिए सहायक निदेशक (भाषा) तैनात हैं । हिंदी टंकण एवं आशुलिपि प्रशिक्षण सहायक निदेशकों (टंकण/आशुलिपि) द्वारा दिया जाता है ।

क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रभारी अधिकारी, उपनिदेशक  हैं । पूरे भारत में फैले हिंदी टंकण एवं आशिलिपि केंद्रों में प्रशिक्षण के कार्य के पर्यवेक्षण,िरीक्षण एवं मार्गदर्शन के लिए नई दिल्ली में संयुक्‍त निदेशक (टंकण/आशिलिपि) के अधीन एक स्कंध की स्थापना की गई है । प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शैक्षिक दृष्टि से मार्गदर्शन प्रदान करने, मानिटरिंग करने, आंकड़े रखने, पाठय पुस्तकों के प्रकान आदि से संबंधत कार्यो के लिए नई दिल्ली में संयुक्त  निदेशक के अधीन एक एकक हिंदी शिक्षण योजना (मुख्यालय) की स्थापना की गई है । केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान एवं उप संस्थानों के अंतर्गत पूर्ण कार्य दिवसों में हिंदी भाषा एवं हिंदी टंकण/आशिलिपि का गहन प्रशिक्षण क्रम सहायक निदेशकों (भाषा) एवं सहायक निदेशकों (टंकण/आशिलिपि) द्वारा दिया जाता है ।केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान एवं हिंदी शिक्षण योजना के अंतर्गत स्वीकृत पदों की संख्या निम्नानुसार है :

केंद्री हिंदी प्रशिक्षण संस्थान एवं हिंदी शिक्षण योजना

क्रं०सं०    क्षेत्र का नाम                 स्वीकृत पद  

1.   केहिप्रसं, नई दिल्ली                             71            

2.   उप निदेशक(परीक्षा), नई दिल्ली                  31                      

३.   उप निदेशक(मध्योत्तर)   , नई दिल्ली             72      

4.   उप निदेशक(दक्षिण) एवं उप संस्थान, चेन्नै       128      

5.   उप निदेशक (पूर्वोत्तर)   ,गुवाहाटी               44   

6.   उप निदेशक (श्चिम)   एवं उप संस्थान, मुंबई    82     

7.   उप निदेशक (पूर्व),कोलकाता                   83   

     कुल-                                     511 

केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान/हिंदी शिक्षण योजना के अधिकारियों के नाम व कार्यालयों के पते

केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान

क्रम सं०

अधिकारी का नाम व पदनाम 

कार्यालय का नाम व पता    

दूरभाष/

फैक्स

1.

श्रीमती मोहिनी हिंगोरानी,

निदेशक

     

केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय,

7वां तल, पर्यावरण भवन, सी.जी.ओ. काम्पलैक्स,

लोदी रोड,

नई दिल्ली-110003

011-24361852

फैक्स -

011- 24366794

 

निवास -

011-29815255

 

e-mail - dirchti_dol@nic.in

 

2.

श्री शिव पाल सिंह नेगी,

प्रशासनिक अधिकारी

केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय,

7वां तल, पर्यावरण भवन, सी.जी.ओ. काम्पलैक्स,

लोदी रोड,

नई दिल्ली-110003

011-24365089

011-24364201

011-24364119

 

निवास -

011-26178293

 

e-mail -

sps.negi@nic.in

 

3.

श्री टीकाराम कश्यप,  

उप निदेशक

(टंकण पत्राचार)

 

 

केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय,

2 ए, पृथ्वीराज रोड

नई दिल्ली-110011

011-23018196

011-23018740

फैक्स -

011-23793521

 

4.

श्री आर.एन.रॉय,

लेखाधिकारी

 

केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, 7वां तल, पर्यावरण भवन, सी.जी.ओ. काम्पलैक्स, लोदी रोड, नई दिल्ली-110003

011-24366821

011-24364201

011-24364119

 

 

e-mail -

roy_rn_2007@yahoo.co.in

 

       

हिंदी शिक्षण योजना (मध्योत्तर)   

क्रम सं०

अधिकारी का नाम व पदनाम 

कार्यालय का नाम व पता    

दूरभाष/

फैक्स

5.

श्री राम मिलन व्यास,

उप निदेशक

 

 

हिंदी शिक्षण योजना,

राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, लेवल-6, ईस्ट ब्लॉक-7, सेक्टर-1, आर.के.पुरम,               

नई दिल्ली-110066

011-26175246

फैक्स -

011-26191572

 

निवास -

011-26173885

 

e-mail - rammilanvyas@gmail.com

6.

श्री रामजी मल,

उप निदेशक

(टंकण/आशुलिपि)

 

हिंदी शिक्षण योजना,

राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, लेवल-6, ईस्ट ब्लॉक-7, सेक्टर-1, आर.के.पुरम,

नई दिल्ली-110066

011-26173775

हिंदी शिक्षण योजना (परीक्षा)  

7.

श्री पृथ्वी सिंह,

उप निदेशक

 

हिंदी शिक्षण योजना,

राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, लेवल-6,

ईस्ट ब्लॉक-7, सेक्टर-1, आर.के.पुरम,              नई दिल्ली-110066

011-26175176

फैक्स -

011-26162093

 

निवास -

011-22856279

 

e-mail - prithvisingh1955@yahoo.in

हिंदी शिक्षण योजना (पश्चिम)

8.

श्री राजेंद्र सिंह,

उप निदेशक 

 

हिंदी शिक्षण योजना,     राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, केंद्रीय सदन, सी-विंग, छठा तल, सेक्टर-10, सी.बी.डी, बेलापुर,  नवीं मुंबई-400614

 

9522-27572705

9522-27572706

 

फैक्स -

9522-27565417

 

e-mail - htsddwest@mtnl.net.in

हिंदी शिक्षण योजना (पूर्व)

9.

श्री राम नारायण सरोज,

उप निदेशक

हिंदी शिक्षण योजना,      राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, 234/4, निजाम पैलेस परिसर,  18वां तल, आचार्य जगदीश चंद्र बोस रोड,

कोलकाता -700020

 

033-22870793

 

फैक्स -

033-22874053

 

 

e-mail - hts_kol@dataone.in

हिंदी शिक्षण योजना (दक्षिण)

10.

श्री नवनाथ कांबले,

उप निदेशक

 

हिंदी शिक्षण योजना,

राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय,

ई विंग, सी ब्लाक, राजाजी भवन, द्वितीय तल, बेसन्ट नगर,    चेन्नै-600090

044-24919096

फैक्स -

044-24915466

 

e-mail -

dds1_5466@vsnl.in

हिंदी शिक्षण योजना (पूर्वोत्तर)

11.

श्री एस.एल.एस.पूर्ति

उप निदेशक

 

हिंदी शिक्षण योजना,      राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, एन.एफ. रेलवे मुख्यालय परिसर, मालीगांव,

गुवाहाटी-781011

0361-2675661

फैक्स -

0361-2676879

 

e-mail -

ddnehtsghy@gmail.com

 8. केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान की महत्वपूर्ण उपलब्धियां

(क). प्रशिक्षण संबंधी राजभाषा विभाग द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों के आधार पर एक हैंड बुक (राजभाषा प्रशिक्षण - एक परिचय) तैयार की गई है,जिसकी विभिन्न मंत्रालयों/ विभागों/उपक्रमों/ बैंकों/प्रतिष्ठानों से काफी मांग रही है, और यह हैण्डबुक काफी उपयोगी सिद्ध हो रही है ।

(ख). भाषा पत्राचार प्रबोध की किट्स की शिक्षण हिदायतें पहले केवल अंग्रेजी और हिंदी में थीं, अब क्षेत्र विशेष की मांग के अनुसार ये तमिल, तेलुगु, कन्नड, मलयालम तथा बंगला में भी कर दी गई हैं । इससे पत्राचार पाठयक्रम में नामांकन की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और दक्षिण भारत में स्थित हिंदी भाषा के प्रशिक्षण में हिंदी शिक्षण योजना के विभिन्न केंद्रों में भी इन किट्स का उपयोग किया जा रहा है ।

(ग). समय-समय पर हिंदी शिक्षण योजना संबंधी आदेशों की मांग आती रही है लेकिन कई आदेश कालातीत हो चुके हैं और कई में विषय की पुनरावृत्ति थी । मुख्य आदेशों को समेकित कर एक मैनुअल तैयार किया गया है ।

(घ). दक्षिण भारत में नियुक्‍त अधिकतर हिंदी प्राध्यापक एवं सहायक निदेशक उत्तर भारत के हैं ।प्रशिक्षण की सुविधा के लिए प्रबोध पाठयक्रम की कैसेट तमिल, तेलुगु, मलयालम एवं कन्नड़ माध्यम से तथा प्रवीण पाठयक्रम की तमिल, मलयालम एवं कन्नड़ भाषा में तैयार करा ली गई हैं । ये कैसेट पत्राचार पाठयक्रम में सहायक सामग्री के रूप में काफी उपयोगी सिद्ध हुई है ।

(त) मंत्रालयों/विभागों, बैंकों, उपक्रमों आदि में कंप्यूटर के प्रचलन और विस्तार को ध्यान में रखते हुए देश भर में स्थापित हिंदी टंकण एंव आशुलिपि के कुल 22 पूर्णकालिक प्रशिक्षण केंद्रों में से  20 पूर्णकालिक प्रशिक्षण केंद्रों पर कंप्यूटर पर  हिंदी टंकण/आशुलिपि प्रशिक्षण देना प्रारंभ कर दिया गया है, तथा पटना स्थित एक अंशकालिक प्रशिक्षण केंद्र पर भी कंप्यूटर पर हिंदी टंकण का प्रशिक्षण दिया जा रहा रहा है।  दो पूर्णकालिक प्रशिक्षण केंद्रों पर भी शीघ्र कंप्यूटर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

(थ). आधुनिक भाषा शिक्षण में बोलने के कौशल और श्रवण क्षमता को प्रथम स्थान प्राप्त है जिसके अर्जन के बिना भाषा शिक्षण अधूरा समझा जाता है । अधिकांश भाषा वैज्ञानिकों का भी यह मत है कि पठन कौशल एवं लेखन कौशल की तुलना में श्रवण एवं भाषण कौशल अधिक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी है क्योंकि भाषा की अभिव्यक्ति श्रवण एवं भाषण कौशल से ही संभव है । श्रवण एवं भाषण कौशल के स्तर के लिए सर्वप्रथम आवश्यकता भाषा के शुद्ध स्पष्ट  उच्चारण के समझने व सीखने की है परंतु हिंदीतर भाषी कर्मचारी भाषा बोलने और उच्चारण करने में झिझक महसूस करते हैं। इस आवश्यकता की पूर्ति एक अकेला प्रध्यापक क्लास रूप में पाठय पुस्तकों एवं ब्लैक बोर्ड की सहायता से उतनी सुगमता एवं सक्षमता से नहीं कर पाता है । अतः विभिन्न भाषा संस्थानों आदि ने भाषा के प्रशिक्षण के लिए प्राध्यापक के सहायक के रूप में इलैक्ट्रानिक्स के आधुनिकतम उपकरणों के सम्मिश्रण से तैयार भाषा प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं।इस भाषा प्रयोगशाला की सहायता से प्रशिक्षार्थी बिना किसी झिझक के भाषा का ज्ञान अर्जित कर सकता है और अपने उच्चारण को भी ठीक कर सकता है । इसी उद्देश्य से राजभाषा हिंदी के प्रशिक्षण में भी इस सुविधा को उपलब्ध कराने में केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण उप संस्थान, बेंगलुरू में एक भाषा प्रयोगशाला स्थापित की गई है ।

(द) केंद्र सरकार एवं केंद्र सरकार के अधीनस्थ उपक्रम/प्रतिष्ठान आदि देश के सभी छोटे-बड़े नगरों में स्थित हैं । सीमित संसाधनों के कारण हिंदी शिक्षण योजना के प्रशिक्षण केंद्र हर नगर में स्थापित करना संभव नहीं है, अतः ऐसे नगरों, जहां हिंदी शिक्षण योजना के प्रशिक्षण केंद्र स्थापित नहीं हो पाए हैं, में हिंदी भाषा एवं हिंदी टंकण प्रशिक्षण संभव नहीं हो पा रहे थे । प्रशिक्षण के लिए शेष कर्मचारियों में से बहुत बड़ी संख्या में कर्मचारी ऐसे नगरों में कार्यरत हैं । इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा हिंदी भाषा, हिंदी टंकण एवं हिंदी आशुलिपि में प्रशिक्षण दिए जाने के लिए एक अनुदान योजना भी बनाई है ।

ध राज्य सरकार के सचिवालय एवं मुख्य-मुख्य विभागों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों आदि से हिंदी में पत्राचार कर सकें, इसके लिए आवश्यक है कि राज्य सरकार के कुछ कर्मचारी एवं अधिकारी हिंदी भाषा में प्रशिक्षण प्राप्त करें ।इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एक अनुदान योजना बनाई गई है, जिसके अन्तर्गत अपने कर्मचारियों को हिंदी भाषा, हिंदी टंकण एवं हिंदी आशुलिपि में प्रशिक्षण देने के लिए दक्षिण भारत की राज्य सरकारों एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र की राज्य सरकारों को अनुदान देय होगा ।

न केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान एवं हिंदी शिक्षण योजना के 50 प्रतिशत से अधिक अधिकारयों और कर्मचारियों को कंप्यूटर पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है ।

प हिंदी शिक्षण योजना के परीक्षा स्कंध द्वारा हिंदी प्रबोध, प्रवीण, प्राज्ञ एवं हिंदी टंकण/ आशुलिपि की जो परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं, उनका परीक्षा परिणाम कंप्यूटर से तैयार किया जाता है ।इन परीक्षाओं में प्रतिवर्ष लगभग 80,000 प्रशिक्षार्थी सम्मिलित होते हैं ।

9. भविष्य की योजनाएं

भाषा पत्राचार पाठयक्रम की प्रबोध प्रशिक्षार्थियों की सहायता के लिए बंगला तथा उडिया भाषा में शिक्षण हिदायतें तैयार करना ।

भाषा पत्राचार पाठयक्रम के प्रवीण के प्रशिक्षार्थियों के लिए तेलुगु एवं कन्नड में भी श्रव्य कैसेट तैयार करना ।

हिंदी शिक्षण योजना, केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान एवं उप संस्थानों के अंतर्गत चलाए जा रहे भाषा पाठयक्रम-प्रबोध, प्रवीण एवं प्राज्ञ का प्रशिक्षण कुछ केंद्रों में कंप्यूटर पर दिया जाना और उसी पर ही परीक्षा परिणाम घोषित करना ।