कार्यान्वयन
अनुभाग
नगर
राजभाषा
कार्यान्वयन
समितियाँ
राजभाषा विभाग
के दिनांक 22.11.1976 के
कार्यालय
ज्ञापन
सं० 1/14011/12/76-रा०भा०
(क-1)के
अनुसार
देश के उन
सभी नगरों
में जहाँ
केन्द्रीय
सरकार के 10
से अधिक
कार्यालय
हों, नगर
राजभाषा
कार्यान्वयन
समितियों
का गठन किया
जा सकता
है। समिति
का गठन
राजभाषा
विभाग के
क्षेत्रीय
कार्यान्वयन
कार्यालयों
से
प्राप्त
प्रस्तावों
के आधार पर
भारत
सरकार के
सचिव (राजभाषा)
की अनुमति
से किया
जाता है।
नगर
राजभाषा
कार्यान्वयन
समितियों
के गठन का
प्रमुख
उददेश्य
केन्द्रीय
सरकार के
कार्यालयों / उपक्रमों,
बैंकों
आदि में
राजभाषा
नीति के
कार्यान्वयन
की समीक्षा
करना, इसे
बढ़ावा देना
और इसके
मार्ग में
आ रही
कठिनाइयों
को दूर करना
है। इसके
अतिरिक्त
ये समितियाँ
नगर स्थित
कार्यालयों
में
राजभाषा
से
सम्बन्धित
कार्यकलापों
का
समन्वयन
भी करती
हैं।
राजभाषा
विभाग के
दिनांक 3.9.1997
के
कार्यालय
ज्ञापन
संख्या 12027/2/79-रा०भा०
(ख-1)
के अनुसार
इन समितियों
के प्रमुख
कार्य
निम्नलिखित
हैं -:
|
(1)
|
राजभाषा
अधिनियम / नियम
और सरकारी
कामकाज
में
हिन्दी
के
प्रयोग
को बढ़ाने
के
सम्बन्ध
में भारत
सरकार
द्वारा
जारी किए
गए आदेशों
और हिन्दी
के
प्रयोग
से
सम्बन्धित
वार्षिक
कार्यक्रम
के
कार्यान्वयन
की
समीक्षा
करना।
|
|
(2)
|
नगर में
स्थित
केन्द्रीय
सरकार के
कार्यालयों
आदि में
हिन्दी
के
प्रयोग
को बढ़ाने
के
सम्बन्ध
में किए
जाने वाले
उपायों
पर विचार
करना।
|
|
(3)
|
हिन्दी
के
सन्दर्भ
साहित्य, टाइपराइटरों,
आशुलिपिकों,
टंककों
आदि से
सम्बन्धित
समस्याओं
पर विचार
करना और
|
|
(4)
|
हिन्दी
भाषा, हिन्दी
टंकण और
हिन्दी
आशुलिपि
के
प्रशिक्षण
आदि से
सम्बन्धित
समस्याओं
पर विचार
करना।
|
इन प्रमुख
कार्यों
के
अतिरिक्त
नगर
राजभाषा
कार्यान्वयन
समितियों
द्वारा
राजभाषा
हिन्दी के
प्रगामी
प्रयोग को
प्रोत्साहन
देने हेतु
कई प्रकार
की
प्रोत्साहन
योजनाएं
भी चलायी
जाती हैं, जैसे
हिन्दी
सम्बन्धी
प्रतियोगिताएं
आयोजित
करना, हिन्दी
दिवस / हिन्दी
सप्ताह का
आयोजना
करना, हिन्दी
से
सम्बन्धित
सेमिनार / संगोष्ठियां
आयोजित
करना, हिन्दी
की प्रगति
में
सर्वोत्कृष्ट
कार्य करने
वाले
कार्यालयों
को
पुरस्कार
/ प्रशस्ति
पत्र
प्रदान
करना।
इंदिरा
गाँधी
राजभाषा
पुरस्कार
भारत सरकार
के
विभिन्न
मंत्रालयों / विभागों,
सरकारी
क्षेत्र
के बैंकों
व वित्तीय
संस्थाओं
और
सार्वजनिक
क्षेत्र
के उपक्रमों
में सरकार
की राजभाषा
नीति
कार्यान्वयन
में
उत्कृष्ठ
उपलब्धियों
के लिए
वर्ष 1986-87 से
इंदिरा
गाँधी
राजभाषा
पुरस्कार
योजना शुरू
की गयी है।
राजभाषा
नियमों
में
वर्गीकृत
हिन्दीभाषी (क),
हिन्दी-इतर
भाषी (ग)
तथा अन्य (ख)
के लिए कुछ
पुरस्कार
क्षेत्रवार
प्रदान
किए जाते
हैं। इन
पुरस्कारों
के लिए
प्रतियोगिता
में भाग ले
रहे संगठनों
द्वारा
वर्ष के
दौरान
हिन्दी
में किए गए
कार्य का
मूल्यांकन
राजभाषा
विभाग
द्वारा
परिचालित
किए गए
मानदण्डों
के अनुसार
किया जाता
है।
ये
पुरस्कार
प्रतिवर्ष
एक सादे
समारोह
में दिए
जाते हैं
और राजभाषा
विभाग का
यह
सौभाग्य
रहा है कि
आज तक इन
पुरस्कारों
का वितरण
अति
विशिष्ट
महानुभावों
के हाथों
से होता रहा
है। अब तक
इस क्रम
में बारह
वर्षों के
पुरस्कार
दिए जा चुके
हैं।
क्षेत्रीय
राजभाषा
सम्मेलन/पुरस्कार
प्रेरणा, प्रोत्साहन
तथा
सद्भाव से
राजभाषा
हिन्दी के
प्रयोग को
बढ़ाने की
सरकार की
नीति के
अनुरूप
राजभाषा
विभाग अपनी
विभिन्न
गतिविधियों
के माध्यम
से हिन्दी
के प्रचार-प्रसार
का कार्य
कर रहा है।
हिन्दी
में कार्य
करने का
वातावरण
तैयार करने,
उसमें
आने वाली
कठिनाइयों
का निवारण
करने और
सरकारी
कामकाज
में हिन्दी
में
सर्वोत्कृष्ट
कार्य करने
वाले
कार्यालयों,
बैंकों,
उपक्रमों
तथा नगर
राजभाषा
कार्यान्वयन
समितियों
को
पुरस्कृत
करने के
उद्देश्य
से विभाग
समय-समय पर
क्षेत्रीय
राजभाषा
सम्मेलनों
तथा
क्षेत्रीय
राजभाषा
पुरस्कार
वितरण
समारोहों
का आयोजन
करता आ रहा
है। इस
श्रृंखला
में 1985 से
अब तक 33 क्षेत्रीय
राजभाषा
सम्मेलनों
का आयोजन
किया जा
चुका है